BHADAAS

UP NEWS

NE

News Elementor

What's Hot

Dark Light

Latest Posts

गढ़वा में बुंदेलखंड माटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट का शुभारंभ

मऊरानीपुर। प्रदेश सरकार की ग्राम उत्थान योजना के अंतर्गत ग्राम गढ़वा में बुंदेलखंड माटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट का शुभारंभ प्रदेश सरकार के सूक्ष्म एवं लघु उद्योग काबीना मंत्री राकेश सचान भारत सरकार के पूर्व के योजना आयोग के सचिव डॉ. कमल टाबरी इंडो जर्मन ऑर्गनाइजेशन की संस्थापक श्री मति इरमिल मार्ला ने संयुक्त रूप से मंत्रों उच्चार के साथ पूजा अर्चना फीता काटकर किया इस मौके पर मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में बताया केंद्र एवं प्रदेश सरकार के द्वारा ग्रामों में ही ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा ग्राम के आस पास ही अपनी फसल को बेचने की सुविधा देने के उद्देश्य को लेकर इस योजना की शुरुआत की है। जिसका लाभ ग्रामीणों को लगातार मिल रहा है प्रदेश सरकार द्वारा यूनिट लगाने वाले लाभार्थियों तथा यूनिट में काम करने वाले ग्रामीणों को निःशुल्क प्रशिक्षण देने का कार्य भी कर रही है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों को हर तरीके से लाभ देकर उनके जीवन को खुशहाल बनाना है। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया है। जिसका कार्य तेजी से चालू है। काबीना मंत्री ने बताया उक्त योजनाओं में सरकार के द्वारा विशेष छूट का प्रावधान है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी ग्रामीण स्तर पर लघु उद्योग लगातार ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन करें । इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल और ग्राम प्रधान गढ़वा अनिल पटेल ने अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण और बुके देकर किया। कार्यक्रम के दौरान करोड़ों रुपए से बने प्रोसेसिंग यूनिट के चलने और किस प्रकार से कार्य करने के तरीके को उपस्थित अतिथियों और ग्रामीणों ने देखा गया। इस मौके पर गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत,एमएलसी रमा निरंजन, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम,अरुण सिंह पठा,मऊरानीपुर ब्लॉक प्रमुख आनंद सिंह परिहार,गुड्डी रानी पटेल,प्रमोद चतुर्वेदी,राम जी परिहार,नेहल सिंघाई, मिथलेश सिंह सेंगर,आयुष श्रीवास,नरेंद्र राजपूत,आयुष श्रीवास,दिनेश राजपूत,रोहित सोनी,जयप्रकाश पाल,रोहित पटेल,रामकिशोर आर्य,छोटू शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता व ग्रामीण उपस्थित रहे।
Read more

संभल— सपा प्रतिनिधिमंडल पर रोक, सांसदों ने हाउस अरेस्ट होने का लगाया आरोप

ब्रेकिंग: संभल से बड़ी राजनीति खबर आ रही है। समाजवादी पार्टी के सांसदों और नेताओं द्वारा बरेली जाने के प्रयास को प्रशासन ने रोक दिया है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें बीती रात से ही हाउस अरेस्ट कर रखा गया है और उन्हें बरेली जाकर स्थितियों की सत्यता सामने रखने से रोका जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनज़र उठाया गया। बरेली में हालिया घटनाओं के बाद सपा का 14 सदस्यों वाला प्रतिनिधिमंडल आज (4 अक्टूबर 2025) बरेली जा रहा था, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने निर्देश दिए कि बिना अनुमति कोई भी राजनीतिक प्रतिनिधि बरेली सीमा में प्रवेश न करे। इसी कार्रवाई के क्रम में संभल में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई तथा कुछ अन्य नेताओं का आवागमन भी रोका गया। प्रशासन ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल के जाने से माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए रोकनी पड़ी। बरेली की घटनाओं के सिलसिले में पुलिस ने अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया है — रिपोर्टों में कहा गया है कि 81 लोगों तक को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय संवेदनशीलता का हवाला देते हुए राजनीतिक प्रतिनिधियों के वहां प्रवेश पर पाबंदी लगाई। “लोकतंत्र में यह नहीं लिखा है कि किसी को कहीं पर भी जाने से रोका जाए… यह शासन प्रशासन तानाशाही रवैया अपना रहा है।” — सांसद“हमें बीती रात्रि 2:00 बजे से ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया है और हमें बरेली नहीं जाने दिया जा रहा है।” — सांसद“हम वहां दंगा भड़काने नहीं जा रहे हैं — हमारा मकसद है वहां के लोगों से मिलना, उनकी प्रताड़ना का हाल-चाल जानना और रिपोर्ट बनाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपना।” — सांसद प्रशासन का पक्षप्रशासन का कहना है कि संवेदनशील परिस्थितियों में किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि का अचानक आने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए रोक लगाई गई। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक था। (प्रशासन की आधिकारिक टिप्पणियों के लिए संबंधित जिलाधिकारी/पुलिस प्रवक्ता से पुष्टि रिपोर्ट अभी जारी हो सकती है)। स्थिति का प्रभावइस रोक-टोक और नेताओं के हाउस अरेस्ट के आरोप ने राजनीतिक गर्माहट बढ़ा दी है। विपक्षी दलों का कहना है कि लोकतंत्र में आवाज दबाने की यह कोशिश है, जबकि सरकार/प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है। बरेली में हुई हिंसा और उसके बाद की कार्रवाई—गिरफ्तारियां और संबंधित प्रवर्तन — ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
Read more

आज़मगढ़ – मस्जिद पर फहराया सऊदी अरब का झंडा, पुलिस ने उतारा, मुकदमा दर्ज

आज़मगढ़ से एक बड़ा मामला सामने आया है…जहाँ मस्जिद की मीनार पर सऊदी अरब का झंडा फहराने से हड़कंप मच गया।सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई… झंडा उतारा गया और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।आज़मगढ़ के अतरौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम कड़सरा शिवदास का पुरा की यह तस्वीरें हैं।जहाँ एक मस्जिद की मीनार पर सऊदी अरब का झंडा फहराया गया।वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस मौके पर पहुँची…मौके से झंडा उतारा और उसे सुरक्षित कब्जे में ले लिया। जांच में सामने आया कि यह झंडा मस्जिद की देखरेख करने वाले नूर आलम पुत्र राजीद अहमद (उम्र 25 वर्ष) ने फहराया था।पुलिस के मुताबिक यह कृत समाज में वैमनस्य फैलाने वाला और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला माना गया। वीडियो को पुलिस ने पेनड्राइव में साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिया है।और आरोपी नूर आलम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
Read more

अतीक के बेटे का झांसी जेल वीडियो – जांच की मांग

झाँसी अतीक अहमद के बेटे अली अहमद का झांसी जेल में बनाए गए कथित वीडियो का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। उन्होंने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजी जेल, उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर झांसी जेल से जुड़े इस कथित वीडियो मामले में विस्तृत जांच की मांग की है। अमिताभ ठाकुर ने कहा कि जो वीडियो सामने आया है, वह जेल के बाहर का नहीं बल्कि जेल गेट के ठीक अंदर का प्रतीत होता है, जहां कैदियों को अंदर ले जाने से पहले तलाशी ली जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जेल के अंदर की तलाशी का वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना बेहद गंभीर मामला है। खासकर तब, जब अली अहमद को सुरक्षा कारणों से प्रयागराज की नैनी जेल से सैकड़ों किलोमीटर दूर झांसी जेल शिफ्ट किया गया था। अमिताभ ठाकुर ने डीजी जेल से आरोप सही पाए जाने पर झांसी जेल के अधीक्षक सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। रिपोर्ट अभिषेक पाठक
Read more

मां दुर्गा के विसर्जन में श्रद्धा और भक्ति का एक विशाल जनसागर उमड़ पड़ा

झांसी।दशहरा पर्व के पावन अवसर पर बड़ाबाजार स्थित मुरली मनोहर मंदिर के सामने मंगलवार को एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। मां दुर्गा के विसर्जन से पूर्व श्रद्धा और भक्ति का एक विशाल जनसागर उमड़ पड़ा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रतिमा विसर्जन से पूर्व श्रद्धालुओं ने माता रानी को पुष्प अर्पित कर भावभीनी विदाई दी, लेकिन इस बार का आयोजन पहले से कहीं अधिक भव्य और भावुकता से भरा रहा। नगर विधायक रवि शर्मा एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने मंच पर उपस्थित होकर श्रद्धालुओं संग माता रानी की शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा की। उनके साथ जिलाध्यक्ष हेमंत परिहार, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।विधायक रवि शर्मा ने इस अवसर पर कहा— “यह केवल विसर्जन नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति की जीवंत झलक है। मां दुर्गा हर वर्ष आकर हमें एकजुट करती हैं और उनका विदा होना हमें अगले मिलन का इंतजार दे जाता है।” खटकयाना वाली मां काली बनीं आकर्षण का केंद्र इस बार की शोभायात्रा में विशेष रूप से प्रस्तुत खटकयाना वाली मां काली का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। उनकी भव्यता और जीवंत प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर “जय माता दी” के जयकारों में लीन हो गए। हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में भाग लेकर न केवल अपनी आस्था व्यक्त की, बल्कि सांस्कृतिक एकता की मिसाल भी पेश की। हर गली, हर सड़क माता रानी के जयकारों और ढोल-नगाड़ों से गूंज उठी।विसर्जन के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों की दुर्गा माताओं की शोभायात्रा भी भव्य रूप से निकाली गई। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सोनी, अरविन्द पुरी कल्लू, सभासद मुकेश सेनी बंटी, पंकज राय, अरविन्द खटीक, पप्पू यादव, पूर्व सभासद अनिल सोनी, परन शर्मा, विवेक परिहार, स्वराज स्वामी, गोकुल दुबे, हेमंत प्रताप सिंह, कविता शर्मा, श्रीमती सुनीता शर्मा, कुसुम कुशवाहा, राधा दुबे, पिछड़ा मोर्चा अध्यक्ष कपिल बिरसैनिया, विनीत पचौरी, नीरज गुप्ता, मंडल अध्यक्ष दिलीप पुरी, मोनू शिवहरे, अभिषेक जैन, सौरभ वाजपेयी, विनय उपाध्याय सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
Read more

नैनी जेल से झांसी शिफ्ट हुआ अली अहमद, सुरक्षा को लेकर जताई आशंका

झाँसी ब्रेकिंग् झांसी में कुख्यात माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद बुधवार दोपहर भारी पुलिस सुरक्षा के बीच नैनी जेल से झांसी जेल शिफ्ट किया गया। इस दौरान अली अहमद ने खुद को असुरक्षित बताया और आरोप लगाया कि जेल में उसके साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। “कुख्यात अपराधी अतीक अहमद का बेटा… अली अहमद अब झांसी जेल की सलाखों के पीछे। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अली अहमद नैनी जेल से स्थानांतरित होकर झांसी जिला कारागार पहुँचा।करीब 420 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद जब पुलिस प्रिजन वैन झांसी जेल के दरवाज़े पर पहुँची तो सुरक्षा इंतज़ाम कड़े कर दिए गए थे। जेल में दाखिल होने से पहले अली अहमद ने मीडिया से बातचीत में खुद को असुरक्षित बताया।उसने आरोप लगाया कि उसे लगातार परेशान किया जा रहा है…यात्रा के दौरान तक उसे पानी तक नहीं दिया गया। अली अहमद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा – “जो हो गया सो हो गया… अब रहम कर दो, अब तो फर्जी सताया जा रहा है।” 38 महीने नैनी जेल में रहने के बाद झांसी जेल पहुँचे अली अहमद के चेहरे पर डर और खौफ साफ़ झलक रहा था।योगी सरकार की अपराधियों के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का असर अली अहमद की बैचेनी में साफ देखा जा सकता है।”
Read more

माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद नैनी जेल से झाँसी जेल में किया जाएगा शिफ्ट,

काफिला झाँसी के लिए हुए रवाना झाँसी ब्रेकिंग् माफिया अतीक अहमद का बेटा अली अहमद अब नैनी नहीं बल्कि झाँसी जेल में रहेगा। बुधवार सुबह करीब 6 बजकर 10 मिनट पर अली अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से झाँसी जेल के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच काफिले को निकाला गया। शासन के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। “माफिया अतीक अहमद का बेटा… अली अहमद अब झाँसी जेल की सलाखों के पीछे रहेगा। बुधवार सुबह अली अहमद को नैनी सेंट्रल जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। करीब 420 किलोमीटर का सफर तय कर सात घंटे में उसे झाँसी जेल में शिफ्ट किया जाएगा। इस दौरान 4 ORT और PAC की एक सेक्शन के करीब 20 जवान अली को प्रिजन वैन में लेकर निकले। बताया गया है कि शासन के आदेश पर अली की जेल बदली गई है। अली अहमद पिछले 38 महीने से नैनी सेंट्रल जेल में बंद था।30 जुलाई 2022 को उसने कोर्ट में सरेंडर किया था। उस पर प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप है। बता दें कि कुछ महीने पहले ही अली के पास बैरक में कैश मिला था। इसके बाद उसे नैनी जेल की ‘फांसी घर’ वाली हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट कर दिया गया था।जहां सीसीटीवी की पैनी निगरानी और 24 घंटे सुरक्षा तैनात रहती है। अब अली अहमद का नया ठिकाना होगा झाँसी जेल।”
Read more

आई लव मोहम्मद पर यूपी पुलिस की कार्रवाई निंदनीय: मदनी

बोले: जनभावनाओं का सम्मान करे उत्तर प्रदेश सरकार देवबंद जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना महमूद मदनी ने आई लव मोहम्मद कैंपेन पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई की निंदा करते हुए इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। मौलाना मदनी ने कहा कि यह सरासर अन्याय और चिंताजनक है।मौलाना महमूद मदनी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब के बिना हमारा सब कुछ अधूरा है, उन्हें प्यार करके ही अल्लाह को राजी किया जा सकता है, मुसलमान मोहम्मद साहब के नाम पर किसी भी तरह का बलिदान देने से पीछे नहीं हटता। मौलाना मदनी ने कहा कि इस तथ्य की ओर भी ध्यान दिलाया कि इस्लाम के मानने वालों की असल जिम्मेदारी यह है कि वह मोहम्मद साहब को अपने जीवन का आदर्श और मार्गदर्शक बनाएं और उनके व्यक्तित्व को किसी भी प्रतिक्रिया या विरोध का विषय न बनाया जाए, यह मोहम्मद साहब के सम्मान और पवित्रता के लिए भी जरुरी है। उन्होंने आई लव मोहम्मद को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस के रवैया की निंदा करते हुए प्रदेश सरकार से जनभावनाओं और धार्मिक पेशवाओं का सम्मान करने की मांग की, साथ ही कहा कि केवल नारों और पोस्टरों के आधार पर लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डालना अन्यायपूर्ण कृत्य है, जिससे बचा जाना चाहिए।
Read more
1 2 3

Trending News

Editor's Picks

मऊरानीपुर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मऊरानीपुर (झांसी)। पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्याम राघवेन्द्र डिग्री कॉलेज, धवाकर में मंगलवार को पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज परिसर में छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सह प्रांत प्रचारक आदरणीय मुनीष जी , कॉलेज के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने पौधरोपण कर किया। इसके बाद कॉलेज परिसर के विभिन्न स्थानों पर नीम, पीपल, बरगद, अमरूद सहित अन्य उपयोगी एवं छायादार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वयं पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर सह प्रांत प्रचारक मुनीष जी ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं। ये हमें शुद्ध वायु, छाया, फल और औषधीय गुण प्रदान करते हैं। यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देना है तो पौधरोपण को जन अभियान बनाना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दोहराया। कॉलेज प्रशासन ने लगाए गए पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी भी विद्यार्थियों को सौंपी, ताकि सभी पौधे सुरक्षित रहकर वृक्ष का रूप ले सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम को सफल बनाने में कॉलेज के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सीएम योगी से परिवार सहित मिले झांसी एसएसपी, मीडिया का जताया आभार

झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के झांसी दौरे के बाद झांसी पुलिस की ओर से जारी एक संदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति को मुख्यमंत्री से परिवार सहित शिष्टाचार भेंट करने का अवसर मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की कानून व्यवस्था और सुशासन को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के बाद झांसी पुलिस ने मीडिया की भूमिका की भी सराहना की है। एसएसपी की ओर से जारी संदेश में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों का आभार व्यक्त किया गया है।संदेश में कहा गया है कि मीडिया के सकारात्मक सहयोग और बेहतर समन्वय से मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों की सूचनाएं प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंच सकीं। झांसी पुलिस ने कार्यक्रमों के सफल आयोजन में मीडिया की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पत्रकार बंधुओं को धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल को लेकर यह संदेश चर्चा में बना हुआ है।

झांसी पुलिस परिवार ने स्थानांतरित क्षेत्राधिकारियों को दी भावभीनी विदाई

झांसी। झांसी पुलिस परिवार द्वारा अन्य जनपदों में स्थानांतरित हुए क्षेत्राधिकारी लक्ष्मीकान्त गौतम, क्षेत्राधिकारी जितेन्द्र सिंह एवं क्षेत्राधिकारी अजय श्रोत्रीय के सम्मान में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी बीबीजीटीएस मूर्ति ने तीनों अधिकारियों के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान पूरी निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण तथा आमजन की समस्याओं के प्रभावी निस्तारण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एसएसपी ने स्थानांतरित अधिकारियों को नई तैनाती के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल कार्यकाल की कामना की। समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविन्द कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक आरीबा नोमान, क्षेत्राधिकारी सदर रामवीर सिंह, क्षेत्राधिकारी टहरौली असमा वकार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानांतरित अधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए तथा उनके सौहार्दपूर्ण व्यवहार, कुशल नेतृत्व, कार्यनिष्ठा और प्रशासनिक दक्षता की प्रशंसा की। विदाई समारोह में तीनों अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।आत्मीय और भावनात्मक माहौल में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना करते हुए नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।

जामनी नदी में दर्दनाक हादसा दो युवकों की डूबने से मौत

झांसी ओरछा के जामनी नदी में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। नदी में नहाने गए दो युवकों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।मृतकों की पहचान झांसी शहर के अलीगोल खिड़की निवासी अकरम और शहजाद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक हाफिज थे और इलाके में काफी मिलनसार स्वभाव के कारण पहचाने जाते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों युवक ओरछा के जामनी नदी पर नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान नहाते समय वे अचानक गहरे पानी में चले गए। जब तक आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, दोनों पानी में डूबने लगे।घटना को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत नदी में उतरकर दोनों युवकों को बचाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले रेस्क्यू के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि जब तक दोनों को बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और मोहल्ले के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना के बाद अलीगोल खिड़की इलाके में गम का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग मृतकों के घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। इलाके के लोगों ने युवकों की मौत पर गहरा दुख जताया .

जिला कारागार झांसी में लीगल हेल्प डेस्क शुरू, बंदियों को मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता

झांसी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार को जिला कारागार झांसी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। साथ ही कारागार परिसर में स्थापित लीगल हेल्प डेस्क का भी अनावरण किया गया। माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष कमलेश कच्छल के निर्देशन में सिविल जज (सीडी) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ईशा त्रिपाठी ने जिला कारागार का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता सेवाओं की समीक्षा करना और उनकी समस्याओं को सुनना था। निरीक्षण के दौरान सचिव ने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर बंदियों से व्यक्तिगत बातचीत की। उन्होंने बंदियों को बताया कि आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर प्रत्येक व्यक्ति को निःशुल्क विधिक सहायता पाने का अधिकार है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पात्र व्यक्तियों को मुफ्त अधिवक्ता, कानूनी परामर्श और अन्य आवश्यक विधिक सेवाएं उपलब्ध कराता है। इस मौके पर कारागार में स्थापित लीगल हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया गया। सचिव ईशा त्रिपाठी ने बताया कि इस हेल्प डेस्क के माध्यम से बंदियों को जमानत, अपील, पैरोल, मुकदमों की जानकारी और अन्य कानूनी अधिकारों से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी बंदी को अपने मुकदमे या न्यायालयी प्रक्रिया से जुड़ी समस्या होगी तो वह हेल्प डेस्क के माध्यम से अपनी बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तक पहुंचा सकेगा। उन्होंने कारागार अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बंदी को विधिक सहायता का अवसर उपलब्ध कराया जाए और उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय तक समान पहुंच प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान बंदियों द्वारा रखी गई समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सचिव ने बंदियों को आश्वस्त किया कि उनकी विधिक समस्याओं के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमेशा तत्पर रहेगा। निरीक्षण में वरिष्ठ सहायक आदिल जाफरी, लीगल डिफेंस काउंसिल के चीफ प्रतीक समाधिया, असिस्टेंट लीगल डिफेंस काउंसिल अजय राठौर एवं दीपक मणि त्रिपाठी मौजूद रहे। वहीं वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार समेत कारागार के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

BHADAAS

UP News

“UP की आवाज़, आपकी भड़ास”

Popular Categories

Must Read

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by Frame Motion Creative Studio