शीतला माता और बड़ी माता मंदिर में सुबह से लगी भक्तों की भीड़, बड़ी माता मंदिर की विशेष मान्यता खींच रही दूर-दराज से श्रद्धालु
झाँसी। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही झाँसी का माहौल भक्तिमय हो गया है। शहर और कस्बों के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
सबसे ज्यादा भीड़ बुंदेलखंड की कुलदेवी कही जाने वाली शीतला माता के पंचकुइया मंदिर और मऊरानीपुर के बड़ी माता मंदिर में देखने को मिली। तड़के सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुँचने लगे। माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूँज उठा और भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए मत्था टेका।
बड़ी माता मंदिर की विशेष मान्यता
मऊरानीपुर स्थित बड़ी माता मंदिर को लेकर एक विशेष मान्यता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मंदिर पर चढ़ाया गया जल यदि कोई अंधा व्यक्ति अपनी आँखों पर लगा ले तो उसे रोशनी मिल जाती है। यही कारण है कि यहाँ दूर-दराज से भी भक्त बड़ी संख्या में पहुँचते हैं।
यह मंदिर ब्रिटिशकालीन बताया जाता है और पीढ़ियों से पुजारी परिवार यहाँ सेवा कर रहा है। मंदिर के वर्तमान पुजारी का कहना है कि उनके पूर्वजों की सात पीढ़ियाँ इस मंदिर की सेवा कर चुकी हैं और वे स्वयं आठवीं पीढ़ी से पूजा-पाठ कर रहे हैं।
भक्तिमय माहौल
नवरात्रि के पहले दिन से ही झाँसी के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। मंदिर प्रांगण में सुबह से भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और देवी-जागरण जैसे कार्यक्रमों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है