अमेठी में संजय गांधी अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। 18 वर्षीय किशोर की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही से किशोर की जान गई, इसके बावजूद अस्पताल ने लाखों रुपए वसूल लिए।

अमेठी के मुंशीगंज थाना क्षेत्र स्थित संजय गांधी अस्पताल में हंगामा हो गया।
दरअसल, ऑपरेशन के दौरान 18 वर्षीय किशोर की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से मौत हुई और अस्पताल प्रशासन ने सच छुपाने की कोशिश की।
इसके बावजूद परिजनों से करीब तीन लाख रुपए वसूल लिए गए।
शक होने पर जब परिजन जबरन कमरे में घुसे, तो बेटे की लाश पड़ी मिली।
इसके बाद परिजनों और अस्पताल सुरक्षा गार्डों के बीच जमकर झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
लोगों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गुस्सा और नाराज़गी देखने को मिली।
गौरतलब है कि यह अस्पताल अक्सर विवादों में रहता है।
एक साल पहले भी मरीज की मौत के बाद अस्पताल को सील किया गया था।
संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट से संचालित इस अस्पताल के ट्रस्टी गांधी परिवार बताए जाते हैं।
सोनिया गांधी को भी इस अस्पताल का ट्रस्टी बताया जाता है।
अब परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है