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कौशाम्बी की शाबरीन बानो सीता बनकर प्रेमी अभिषेक के साथ रचाई शादी, दुर्गा मंदिर में लिए सात फेरे ।

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कौशाम्बी जिले के मंझनपुर स्थित मां दुर्गा मंदिर में एक अनूठी प्रेम कहानी उस वक्त सुर्खियों में आ गई जब शाबरीन बानो ने हिंदू रीति-रिवाज से अपने प्रेमी अभिषेक सोनी के साथ विवाह रचाया। शाबरीन जो अब सीता के नाम से जानी जाएंगी,अपने नौ साल पुराने प्रेम संबंध को विवाह के बंधन में बांधकर एक नई शुरुआत की। यह विवाह हिंदू रक्षा समिति के संयोजक वेद प्रकाश सत्यार्थी की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।

बता दे कि कड़ा धाम क्षेत्र के गौसपुर गांव की रहने वाली शाबरीन बानो को हिंदू धर्म बचपन से ही बहुत पसंद था। सबरीन बानो के मुताबिक “हिंदू धर्म में औरतों की बहुत इज्जत होती है। मैंने इसे दिल से अपनाया और अभिषेक के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया।” वहीं, देवीगंज निवासी अभिषेक सोनी ने भी अपनी प्रेमिका के इस फैसले का सम्मान करते हुए उनके साथ जीवनभर साथ निभाने का वादा ही नहीं किया बल्कि शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए। विवाह समारोह में शामिल लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया और उनकी प्रेम कहानी की जमकर सराहना की।
यह प्रेम विवाह इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाबरीन और अभिषेक की यह कहानी प्रेम और समर्पण का प्रतीक है, जो धर्म और संस्कृति की सीमाओं को पार करती है

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शत चंडी महायज्ञ के द्वितीय दिवस में ब्रह्म मुहूर्त में हुआ वेद पाठ

मऊरानीपुर……श्री शांति निकेतन धनुषधारी आश्रम में महंत श्री रामदास ब्रह्मचारी जी (बुंदेलखंड पीठाधीश्वर) के सानिध्य में चल रहे श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्री शत चंडी महायज्ञ के द्वितीय दिवस में ब्रह्म मुहूर्त में वेद पाठ प्रारंभ हुआ l प्रातः काल श्री हनुमान जी का लांगगूल प्रयोग करके हनुमान जी को सवामन वेसन के लड्डुओं का भोग लगाया गया एवं वैदिक विद्वानों द्वारा पंडितों का कार्य विभाजन करके यजमानों को कुण्ड वितरित किए गए l सभी देवताओं का आवाहन करके मंडप प्रवेश किया गया, कल अरणी मंथन करके अग्नि देव का प्राक्रट करके अग्नि स्थापन के साथ हवन प्रारंभ होगा l मध्यान में श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ करते हुए भागवत आचार्य पंडित श्री बृजेश त्रिपाठी शास्त्री जी ने बताया कि श्री वेदव्यास जी ने भागवत में परम सत्य की वंदना की है वह परम सत्य भगवान श्री कृष्ण है l शास्त्री जी ने बताया श्रीमद् भागवत वेदों का रस से भरा हुआ परिपक्य फल है और इसमें अमृत रूपी रस भरा हुआ है, इसलिए इसकी कथा को मोक्ष पर्यंत सदैव सुनते रहना चाहिए क्योंकि भगवान की कथा केवल मृत्यु लोक पर ही सुलभ है स्वर्ग सत्य लोकों मैं भी भगवान की कथा प्राप्त नहीं होती l श्रीमद् भागवत महापुराण का मूल पाठ काशी से पधारे पंडित विपिन बिहारी मिश्रा द्वारा किया जा रहा है l भागवत भगवान की आरती भागवत परीक्षित अर्चना अरविंद अड़जरिया ने की lसायंकाल में श्री श्री 1008 श्री जगतगुरु कामदगिरी पीठाधीश्वर परम पूज्य राम स्वरूपाचार्य जी के द्वारा राम कथा मंदाकिनी में श्रोताओं कों बताया कि शिव सती प्रसंग एक बार त्रेता जुग माहीं। संभु गए कुंभज रिषि पाहीं॥संग सती जगजननि भवानी। पूजे रिषि अखिलेस्वर जानी॥सती ने भगवान शंकर की बात को ना मान करके मन में संशय ले करके कथा पंडाल में कथा सुनने गई सती का अस्तित्व हीन होना पड़ा जो व्यक्ति कथा पंडाल में संशय लेकर के आता है या जिसके जीवन में संशय आ जाता है तो उसे व्यक्ति का अस्तित्व नष्ट हो जाता है निश्चित है इसलिए कथा पंडाल में हमेशा श्रद्धा भावना से आना चाहिए और श्रद्धा से कथा श्रवण करना चाहिए l इस कार्यक्रम में रामभरोसें शास्त्री, भगवत नारायण तिवारी( ब्रह्मा ),अखिलेश शास्त्री (शतचंडी यज्ञ आचार्य),चुन्नी लाल गुप्ता प्रयागराज, शत्रुघन सिंह गौतम प्रयागराज, राजकिशोर तिवारी मुडहरा, शशि भूषण सिंह गौतम बाँदा, राजेन्द्र सिंह मंडी बमौरा, सुरेश कुमार स्वर्णकार मऊ, राजेन्द्र कुमार अग्रवाल साई खेडा, शैलेन्द्र त्रिपाठी पप्पू, रवेन्द्र दीक्षित मऊ, पंकज तिवारी बिजरवारा , बृजेन्द्र त्रिपाठी, बबली सिंह, रामनरेश तिवारी, बलराम सुल्लेरे,महेश मिश्रा, योगेंद्र तिवारी, रितेश सुल्लेरे, बद्री पाठक,जितेंद्र तिवारी, सतीश मिश्रा, राजेंद्र तिवारी( दुर्गापुर), सत्यव्रत द्विवेदी, विनोद दुबे, अंकित दुवे, प्रमोद तिवारी, महेश मिश्रा, देवांश पुरोहित, सुधीर पुरोहित,दीपक तिवारी, हिमांशु मिश्रा, रामबाबू ओझा ( यजुर्वेद),दीपू मिश्रा( ऋग्वेद), रवि तिवारी( सामवेद ), मनीष दीक्षित( अर्थवेद ),रामजीवन पस्तोर ( भागवताचार्य ) विद्वानों के साथ गदाधर त्रिपाठी, प्रदीप पाठक,बबलू भारद्वाज, अखिलेश सेठ, आशु भारद्वाज,आशीष कौशिक, मनीष खेवरिया, दीनदयाल साहू,राजेश बिलाटिया,कृष्ण गोपाल बबेले, अनंतराम सर्राफ, पप्पू साहू, संतोष शर्मा, जज्जू रावत, विनय ताम्रकार,रामलोचन, अरविन्द राय, कैलाश दीक्षित,राम मनोहर तिवारी, मनोज मिश्रा,लाल जी तिवारी, संजय ताम्रकार, गोपाल ताम्रकार, प्रमोद चतुर्वेदी, बैजनाथ तिवारी,महेंद्र सिंह, अंबादत्त तिवारी,दिवाकर पाण्डेय, राजेंद्र पाण्डेय, गुड्डू तिवारी,पिंकी वर्मा, राकेश राय, स्वामी राय,हरि ओम श्रीधर,मुन्नालाल दुबे,ओम प्रकाश शर्मा, सुरेश सोनी, संतोष तिवारी,अभिषेक नायक, मृदुल मोर,दिनेश राजपूत,सोमेश त्रिपाठी,महेश सैन,रामगुलाम सोनी, सुशील पुरवार, रोहित महाराज, संतोष चौवे, मृदुल मोर, शिव प्रतापसिंह, अमित पुरवार, रामलखन दुबे ,बाॅबी अग्रवाल, जयप्रकाश खरे, सुनीता साहू,किरन, मालती,बिमला, रेखा, सुमन,सेजल, दिया, खुशी,जागृति, रामकली,राम मूर्ति,पार्वती, शोभा, राम श्री, सुमन,भावना,रानी, ममता सहित बडी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे….

बारात में चली गोली,दूल्हे का चचेरा भाई हुआ घायल, पुलिस जांच पड़ताल में जुटी।

झाँसी ब्रेकिंग् बारात में चली गोली, दूल्हे का चचेरा भाई हुआ घायल, पुलिस जांच पड़ताल में जुटी। झांसी के मऊरानीपुर में एक शादी समारोह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई , जब दूल्हे के चचेरे भाई को फायरिंग के दौरान गोली जा लगी। हर्षोल्लास के माहौल में अचानक हुई फायरिंग से समारोह स्थल पर भगदड़ मच गई।घायल युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे झांसी रेफर किया गया है। यह घटना मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे झांसी रोड स्थित एक विवाह घर में शादी समारोह चल रहा था। महेबा थाना टोड़ीफतेहपुर क्षेत्र से बारात आई हुई थी। डीजे की धुनों पर बारात विवाह घर की ओर बढ़ रही थी और रिश्तेदार खुशी-खुशी नाच रहे थे।इसी दौरान नशे में धुत एक युवक हाथ में असलहा लेकर लहराने लगा। दूल्हे के चचेरे भाई रजनीश निरंजन ने जब उसे असलहा लहराने से मना किया, तो युवक ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली रजनीश के कान के पास से निकल गई, जबकि दूसरी गोली कमर के नीचे जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल मऊरानीपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक डॉ. उदल श्रीवास ने हालत गंभीर देखते हुए झांसी रेफर कर दिया।बताया जा रहा है कि घायल रजनीश निरंजन ललितपुर में सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर तैनात हैं।घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह, कोतवाल मुकेश कुमार सोलंकी और अतिरिक्त निरीक्षक इंद्रपाल सरोज मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है।शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं, और एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है—शादियों में हर्ष फायरिंग कब थमेगी?

बुंदेलखंड के किसानों का फूटा गुस्सा, संपूर्ण कर्ज माफी की मांग

बुंदेलखंड के किसानों का सब्र अब जवाब देने लगा है।झांसी के हरपुरा ग्राम पंचायत के पंचमपुर में आज उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के बैनर तले विशाल किसान पंचायत का आयोजन हुआ, जहाँ किसानों ने कर्ज माफी, बीमा क्लेम, मुआवजा और नीलगाय की समस्या को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।पंचायत में चेतावनी दी गई कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे। झांसी जनपद की ग्राम पंचायत हरपुरा के पंचमपुर में किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर विशाल किसान पंचायत आयोजित की गई।पंचायत में किसानों ने बताया कि लगातार ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और सूखे ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया है।किसानों का आरोप है कि खरीफ फसल बर्बाद होने के बावजूद आज तक न बीमा क्लेम मिला और न ही मुआवजा।बैंकों द्वारा केसीसी से बीमा प्रीमियम तो काटा जाता है, लेकिन फसल खराब होने पर किसान को कुछ नहीं मिलता।किसानों ने कहा कि मजबूरी में उन्हें साहूकारों से कर्ज लेना पड़ रहा है और अब नीलगायों के झुंड फसलों को तबाह कर रहे हैं। पंचायत के माध्यम से किसानों ने संपूर्ण सरकारी कर्ज माफी, ऋण वसूली पर रोक, खरीफ 2025 का बीमा क्लेम, नीलगाय की रोकथाम और गांव से सिजार बांध तक सड़क निर्माण की मांग की।किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिवनारायण सिंह परिहार ने कहा कि बुंदेलखंड का किसान प्राकृतिक आपदाओं से टूट चुका है।अगर सरकार ने कर्ज माफी, बीमा क्लेम और नीलगाय की समस्या पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।पंचायत में सैकड़ों किसानों की मौजूदगी ने सरकार को साफ संदेश दे दिया है।

राष्ट्रीय स्तर की भारत बौद्धिक्स परीक्षा का सफल आयोजन

झांसी | मऊरानीपुर श्याम राघवेन्द्र डिग्री कॉलेज, धवाकर, मऊरानीपुर, झांसी में दिनांक 01 फरवरी 2026 को विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की भारत बौद्धिक्स परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान एक राष्ट्रीय स्तर का अकादमिक एवं बौद्धिक संगठन है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को समकालीन विषयों के साथ समन्वित करते हुए देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्य करता है। इसी उद्देश्य के तहत भारत बौद्धिक्स परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में किया गया। श्याम राघवेन्द्र डिग्री कॉलेज में आयोजित इस परीक्षा में कुल 200 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिसमें से 150 विद्यार्थी परीक्षा में उपस्थित रहे। परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराई गई। परीक्षा के सफल आयोजन के बाद विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की ओर से सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। परीक्षा आयोजन के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. स्वतंत्र कुमार सोनी सहितडॉ. शिवा पस्तोर, डॉ. अमित कुमार सेन, डॉ. आर्या गुप्ता, डॉ. बलदेव कुमार, प्रो. नरेश कुमार, प्रो. जयदीप कुमार, प्रो. उमेश पाठक,प्रो. उमेश शर्मा, प्रो. शुभम पटेल, प्रो. धर्मेंद्र पांचाल सहित समस्त महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा और उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग किया। महाविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला और आयोजन को शैक्षणिक दृष्टि से सफल माना गया।

मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम से बड़ा समरसता का कोई उदाहरण नहीं : प्रान्त प्रचारक

भोजन, भजन, भ्रमण, भाषा और भेष सभी का एक जैसा होना चाहिए झांसी । संघ स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने पर बुधवार को सकल हिन्दू समाज द्वारा बबीना खंड के रक्सा में एक विवाह घर में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कानपुर प्रान्त के प्रांत प्रचारक श्रीराम जी ने समरसता का उदाहरण देते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम से बड़ा समरसता का कोई उदाहरण नहीं है। यदि राम वन न गए होते तो राम बन न गए होते। उन्होंने जातिपाति के भेदभाव को दूर करने का आह्वान करते हुए कहा कि भोजन, भजन, भ्रमण, भाषा और भेष सभी का एक जैसा होना चाहिए।  उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित किए जा रहे हैं। विश्व में केवल भारत को ही मां का दर्जा प्राप्त है। किसी अन्य को नहीं। भगवान राम भी सामान्य व्यक्ति थे। अपनी भारतीय संस्कृति में बड़ों की बात मानी जाती है। राम वन नहीं जाते तो राम बन नहीं पाते। वन में सबरी के पास पहुंच गए। वहां सबरी के जूठे बेर खाकर समरसता का उदाहरण प्रस्तुत किया। जटायु का अंतिम संस्कार भी भगवान राम ने किया। लंकापति रावण से युद्ध के दौरान अपनों को सूचना नहीं देते बल्कि आदिवासियों व कोल भीलों को संग लेकर युद्ध जीतते हैं। इससे बड़ा समरसता का उदाहरण हो नही सकता। उन्होंने कहा कि भगवान राम की तरह ही संघ कार्य कर रहा है। उन्होंने श्रीकृष्ण का उदाहरण भी दिया। अंग्रेजों ने जब आक्रमण किया तो हमारे देश के नौजवानों ने फांसी का फंदा चूमने का काम स्वीकार किया परतंत्रता ठुकरा दी।  हेडगेवार जी ने खोजा कि आखिर गुलामी क्यों ? राम से लेकर कृष्ण, सरस्वती समेत अम्बेडकर ने तक भारत को भारत बनाए रखने के लिए कार्य किया। आज हिन्दू समाज अपनी विजय का इतिहास लिख रहा है। प्रभु श्रीराम का मंदिर निर्माण इसका उदाहरण है। भारतीय संस्कृति की योग परम्परा को पूरा विश्व स्वीकार रहा है। विश्व के सभी देशों के लोगों को कोरोना की दवा खिलाई। विश्व की मंगल कामना करने वाला अगर कोई है तो वह हिन्दू है। रामसेतु तोड़ने की बात पर तीन घंटे के चक्का जाम ने सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि हिंदुत्व के आस्था पर कुठाराघात नहीं किया जा सकता। विवेकानंद जी ने कहा था कि गर्व से कहो हम हिन्दू हैं। संघ उसी को चरितार्थ करने का काम कर रहा है। आज हमारे देश के प्रधानमंत्री का सम्मान विश्व के सभी देशों  में किया जाता है। मंगल ग्रह से लेकर हम हर क्षेत्र में बढ़ रहे हैं। आज हमारे स्व का भान हमें हो रहा है। हिंदुत्व पर कुठाराघात भी किया जा रहा है। आज कई चुनातियां हमारे सामने हैं। पहली चुनौती लव जिहाद की है। लव जिहाद किसी एक जाति की लड़की के साथ नहीं सभी हिन्दू भाइयों के घरों में हो रहा है। कोई भी विधर्मी यदि हरकत करता है तो उसके खिलाफ एकजुट रहें। इसका जनजागरण आवश्यक है। उन्होंने कश्मीर में होने वाले घटनाक्रम का भी उदाहरण दिया। कहा 26 बहनों के सिंदूर उजाड़े गए। लैंड जिहाद पर भी विचार करना होगा। राजनैतिक दल के लोग घुसपैठियों के प्रमाणपत्र बनवाते हैं। तीसरी समस्या धर्मांतरण की है। चौथी समस्या जनसंख्या असंतुलन। इस पर भी ध्यान देना होगा। इसलिए हम दो हमारे तीन के प्रति जनजागरण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा यदि झुग्गी झोपड़ी तक पहुंच जातिप्रथा पर विराम नहीं लगेगा तो हमारे घरों में एके- 47 लहराने वाले लोग रहेंगे। कुल मिलाकर पंच परिवर्तन पर हमें विचार करना होगा। भोजन, भजन, भ्रमण, भाषा और भेष सभी का एक जैसा होना चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि झांसी विभाग कार्यवाह शिवकुमार भार्गव जी ने कहा कि यह संघ के शताब्दी वर्ष के साथ वंदेमातरम का भी शताब्दी वर्ष है। उन्होंने केशव जी के जीवन के शुरुआती दिनों में घटित घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने भारत भूमि का गुणगान करते हुए भारत को उपासनाओं की भूमि बताया। उन्होंने बताया कि हमारे यहां जाति प्रथा नहीं थी। भारतीय परम्परा में कोई भेदभाव की बात नहीं करता। आज प्रयागराज में माघ मेला में जाति पांति कौन पूंछता है। सिद्ध बाबा स्थल बमेर महंत मुख्य अतिथि घनश्याम जी ने कहा कि यदि हम आपस में दुख में एक दूसरे के साथ रहें। जाति पाति के भेदभाव को दूर करना है। धर्म विरोधियों से सावधान रहना है। हमें एक दूसरे के साथ रहना है।कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवराम शरण महाराज मढ़ीला सरकार ने की। संचालन प्राचार्य मॉर्निंग स्टार पब्लिक स्कूल अरविंद कुमार झा ने किया। अंत में मां भारती की आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।  इस अवसर पर महानगर प्रचारक सक्षम, विमल,मुन्नालाल,धर्मेन्द्र, जशवंत,अभिषेक,अनुज,विजय,राहुल,पुष्पेन्द्र, राजेन्द्र, बिसवारी, अशोक मिश्रा, महेंद्र प्रताप,अमरदीप दुबे,आयुष, आशीष योगी,रोहित परमार,शिवम गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

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